अमेरिकी विदेश विभाग
संबोधन
विदेश मंत्री एंटनी जे. ब्लिंकन
राष्ट्रमंडल संसदीय कार्यालय
मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया
फरवरी 11, 2022

विदेश मंत्री ब्लिंकन: अच्छा, (अश्रव्य), आपसे फिर से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हमेशा की तरह, मुझे खुशी है कि क्वाड बैठक की वजह से न केवल हम एकत्रित हुए हैं, बल्कि हमें उन कई चुनौतियों पर अपने विचारों के आदान-प्रदान का भी अवसर और बहाना मिला है, जिनका अमेरिका और भारत एक साथ सामना कर रहे हैं। मैं अपनी साझेदारी, खासकर इतने चुनौतीपूर्ण समय में, के लिए आभारी हूं। मैं इतने सारे मुद्दों पर भारत के नेतृत्व के लिए आभारी हूं, जिसमें वो मुद्दा भी शामिल है जो सचमुच में दुनिया को त्रस्त कर रहा है, और वह है कोविड-19 का संकट। हमारे पास इस बारे में और साथ ही हमारी कई अन्य साझा चिंताओं पर, तथा इस पूरे क्षेत्र में के लिए विभिन्न अवसरों पर भी बात करने का अवसर होगा।

बहुत खुशी की बात है कि हमें परस्पर प्रत्यक्ष मुलाक़ात का अवसर मिला है और कुछ घंटों में हम अपने अन्य सहयोगियों से मिलने के लिए भी तत्पर हैं।

विदेश मंत्री जयशंकर: धन्यवाद। धन्यवाद, टोनी। आपसे मिलकर अच्छा लगा, और आप सभी को यहां देखकर अच्छा लगा। मैं आपसे सहमत हूं। मुझे लगता है कि क्वाड (अश्रव्य) रहा है, और इसका प्रमुख कारण ये है कि हम सभी ने इस पर बहुत समय, ऊर्जा और ध्यान लगाया है। हमने इसे ठोस कार्रवाई योग्य विकल्पों (अश्रव्य) में बदल दिया है। जैसा कि मैंने थोड़ी देर पहले यहां प्रधानमंत्री के समक्ष कहा, (अश्रव्य)। लेकिन साथ ही, इसकी एक बड़ी वजह हमारे बीच अत्यंत मज़बूत द्विपक्षीय संबंधों का होना है। और निश्चित रूप से हमारे लिए इस सदी में बदलते भारत-अमेरिका संबंध (अश्रव्य) बेहद निर्णायक (अश्रव्य) रहे हैं।

(अश्रव्य), विदेश मंत्री जी, और हमारे संबंधों को देखें और देखें कि हम कैसे इसे (अश्रव्य) बनाना जारी रख सकते हैं।

विदेश मंत्री ब्लिंकन: धन्यवाद। आप सभी को धन्यवाद।


मूल स्रोत:  https://www.state.gov/secretary-antony-j-blinken-and-indian-external-affairs-minister-dr-subrahmanyam-jaishankar-before-their-meeting-2/

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।

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