अमेरिकी विदेश विभाग
जॉन केरी, जलवायु पर विशेष राष्ट्रपतीय दूत
फरवरी 19, 2021
संबोधन

पूर्व लिखित

मार्सीन – बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं इतने महत्वपूर्ण अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर प्रसन्न हूं।

मुझे पता है कि आप में से अनेक लोग क़रीब पांच साल पहले ल बॉर्जे में थे जब हमने ऐतिहासिक पेरिस समझौता किया था। यह अनेक लोगों के प्रयासों का परिणाम था —  राजनयिक संतुलन साधने की कोशिश, और एक समय ऐसा लग रहा था कि सफलता या असफलता महज एक शब्द पर आकर अटक सकती है।

और पिछले चार वर्षों में, ऐसे कई मौक़े आए जब कइयों को आशंका हुई कि असफलता मात्र यह एक शब्द से तय होगी — ट्रंप।

फिर भी, पांच साल बाद, पेरिस समझौता और जलवायु संबंधी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था अब भी बरक़रार है। ये इसलिए संभव हुआ क्योंकि शहरों, राज्यों, व्यवसायों और देश भर के संगठनों ने आगे बढ़कर घोषणा की, “वी आर स्टिल इन।”

‘वी आर स्टिल इन’ एक स्लोगन से कहीं ज़्यादा बड़ी बात थी। 2017 में, केवल 1 राज्य और 33 शहरों ने अपनी ऊर्जा का 100% स्वच्छ स्रोतों से हासिल करने का संकल्प लिया था; अब, 13 राज्यों, पोर्ते रिको और 165 शहरों की 100% स्वच्छ ऊर्जा के लिए प्रतिबद्धता है।

और 2017 के बाद से, 16 राज्यों ने एचएफ़सी उत्पादों के इस्तेमाल में क्रमिक कटौती के लिए नियम-क़ानून पारित किए हैं, या पारित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

पिछले साल नवंबर में 81 मिलियन अमेरिकियों द्वारा दुनिया के सामने पेश करने के लिए नेतृत्व के अपनी पसंद के सार्वजनिक चेहरे के चयन से पहले ही आपने दुनिया को अमेरिका का असली चेहरा दिखा दिया था।

और अब, हम चाहेंगे कि आप “ऑल-इन” को और भी अधिक तात्कालिकता और महत्व दें।

हम इस उद्देश्य से विनम्रता के साथ जुड़े हैं क्योंकि हमें पता है कि अमेरिका की वैश्विक अनुपस्थिति के दुष्परिणाम भी हुए हैं।

हम इस उद्देश्य से ईमानदारी के साथ जुड़े हैं क्योंकि हमें पता है कि पेरिस समझौता पर्याप्त नहीं है।

और हम इस उद्देश्य से महत्वाकांक्षा के साथ जुड़े हैं क्योंकि हमें पता है कि भले ही अमेरिका पेरिस समझौते में वापस आ गया है, हमारी अर्थव्यवस्था समेत दुनिया की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को उतना ऊंचा लक्ष्य हासिल करने की आवश्यकता है, जितना पेरिस समझौते ने तय नहीं किया था: तापमान में वृद्धि को 1.5 डिग्री तक सीमित रखने के लिए अपने प्रयासों को तेज़ करना, और 2050 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन की राह पर क़दम बढ़ाना।

इसका मतलब है संपूर्ण अमेरिका और संपूर्ण विश्व को “ऑल इन” में शामिल करना।

हम चाहेंगे कि आप हमसे जुड़ें। आधिकारिक तौर पर अमेरिका भले ही समझौते में वापस आ गया हो, हम चाहेंगे कि आप विदेशों में अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ कार्यों का प्रतिनिधित्व करें क्योंकि पिछले चार वर्षों की आपकी उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रगति संभव है, और यह प्रगति समृद्धि के साथ आती है।

आप हमारी सफलता की मिसाल हैं। इसलिए, यदि आप पिछले तीन वर्षों  के दौरान कॉप सम्मेलनों में आए हैं, तो आगे भी इसमें शामिल होते रहें! और यदि आपने पहले ऐसा नहीं किया, तो वादा करें कि इस वर्ष हम आपको ग्लासगो में देखेंगे, ताकि हम सभी इस चुनौती का सामना करें और हम साथ मिलकर इसका सामना करें।

आइए इस कार्य को पूरा करें। मुझे आपकी साझेदारी और आपके सवालों का इंतज़ार है।


मूल स्रोत: https://www.state.gov/remarks-at-the-america-is-all-in-launch-event/

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।

U.S. Department of State

The Lessons of 1989: Freedom and Our Future