अमेरिकी विदेश विभाग
प्रवक्ता का कार्यालय
संबोधन

ओईसीडी
अक्टूबर 5, 2021

विदेश मंत्री ब्लिंकन:  नमस्कार, और आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। मथायस, मैं इस बात से शुरू करना चाहूंगा कि जॉर्ज मार्शल से जोड़ा जाना मेरे लिए बड़ी बात है, और इससे मुझे ये एहसास हो रहा है कि एलन और रॉसी ने कैसा महसूस किया होगा। और आप में से जिनको एलन और रॉसी की याद नहीं, उनके लिए ही मैंने ज़िक्र किया है। श्रोताओं के बीच मौजूद अमेरिकियों को शायद याद हो कि वर्षों पहले एड सुलिवन शो में बीटल्स के बाद उन्हीं का कार्यक्रम था। (हंसी।) फिर भी, मैं आपको धन्यवाद देता हूं।

और महासचिव आपको और हमारे सभी सहयोगियों और विशेष रूप से मेरे अच्छे मित्रों, विदेश मंत्री चुंग यूई-योंग से लेकर वित्त मंत्री ग्रमेग्ना तक, को आज के दिन और इस मंत्रिस्तरीय बैठक को संभव बनाने के उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद।

और, मैं एक निजी अनुभव की चर्चा से अपनी बात की शुरुआत करना चाहूंगा। मेरा ओईसीडी से विशेष लगाव है। कई साल पहले, जब मैं अपनी कॉलेज थीसिस के लिए शोध कर रहा था, तो मैं ओईसीडी के पुस्तकालय के उपयोग के लिए, कुछ विशेषज्ञों से बात करने के लिए यहां आया था। मेरी मानो मन की मुराद पूरी हो गई थी, क्योंकि यहां मेरी थीसिस के लिए सब कुछ था, उपलब्ध असाधारण शोध दस्तावेज़ों और मुझसे मिलवाए गए विशेषज्ञों, दोनों ही दृष्टि से। और उस थीसिस ने कुछ साल बाद एक किताब की शक्ल ले ली, जो ज़ाहिर तौर पर अभी भी अमेज़न पर उपलब्ध है। (हंसी।) इसका नाम है: एलाई वर्सेस एलाई: अमेरिका, यूरोप एंड साइबेरियन पाइपलाइन क्राइसिस। जो कोई भी इसे खोजने की कोशिश करेगा, मैं उसे एक चेतावनी देना चाहूंगा कि एक समीक्षक ने कहा था कि यह उस तरह की पुस्तक है, जिसे एक बार पढ़ना छोड़ देने पर दोबारा शुरू करना बहुत कठिन होता है। (हंसी।) लेकिन ये सब कहने के साथ ही, मैं सालों बाद आज ओईसीडी को इतना सारा विचार और अंतर्दृष्टि प्रदान करने के लिए धन्यवाद देता हूं।

हम यहां एक महत्वपूर्ण अवसर पर उपस्थित हुए हैं, जो ओईसीडी की साठवीं वर्षगांठ का मौक़ा है। और यह हमें इस बात पर चिंतन करने का मौक़ा देता है कि संगठन की स्थापना के बाद से क्या कुछ बदला है, और क्या कुछ नहीं बदला है।

ज़ाहिर है, इस संगठन और द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत स्थापित व्यवस्था के संस्थापकों ने आज साइबर स्पेस में हमारे समक्ष मौजूद चुनौतियां या जलवायु संकट की कल्पना भी नहीं की होगी। और फिर भी, ओईसीडी की बुनियाद में मौजूद साझा मूल्यों के कारण दुनिया के लिए इस संगठन की ज़रूरत निरंतर क़ायम है, बल्कि मैं तो कहूंगा कि इसकी पहले के मुक़ाबले कहीं अधिक ज़रूरत है।

हम मानते हैं कि हमारा आर्थिक स्वास्थ्य लोकतंत्र, क़ानून के शासन, मानवाधिकारों और खुले एवं पारदर्शी बाजार अर्थव्यवस्थाओं के प्रति प्रतिबद्धता में निहित है।

ओईसीडी का प्रभाव हमेशा इन साझा सिद्धांतों को सामने उपस्थिति सबसे तात्कालिक चुनौतियों पर लागू करने और दूसरों को हमारे साथ लाने की इसकी क्षमता में निहित रहा है। आज की स्थिति अलग नहीं है।

तो मैं इस बात की चर्चा करने जा रहा हूं कि हमारे समक्ष मौजूद चार महत्वपूर्ण चुनौतियों क्या हैं, और ओईसीडी कैसे उनका समाधान करने में मदद कर सकता है।

कोई आश्चर्य नहीं कि पहली चुनौती, कोविड-19 महामारी है। हमारे सभी देशों ने विनाशकारी नुकसान झेले हैं। सबसे बड़ा नुकसान है 48 लाख बच्चों, महिलाओं, पुरुषों की मौत का – जिनमें से प्रत्येक के प्रियजनों को पीड़ा सहनी पड़ी है। और हमारे लोगों को आर्थिक संकट के रूप में इसका दूसरा झटका भी लगा है।

ओईसीडी ने हमें इस संकट के आर्थिक प्रभाव की भविष्यवाणी करने वाला महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराने तथा बेहतर तरीके से पुनर्निर्माण के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीतियों को बढ़ावा देने का काम किया है।

ओईसीडी देशों को टीकों की अग्रिम खरीद करने के लिए प्रेरित करने वाले पहले संगठनों में से था, जिसके कारण कंपनियां उत्पादन को दोगुना करने की पहल कर सकीं। कोवैक्स के माध्यम से निम्न और मध्यम आय वाले देशों में सुरक्षित और प्रभावी टीके उपलब्ध कराने के लिए हमने इसी दृष्टिकोण का उपयोग किया है। और यह संयुक्तराष्ट्र महासभा के दौरान राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा आयोजित शिखर सम्मेलन में 2022 में हर आय वर्ग के हर देश की कम से कम 70 प्रतिशत आबादी के टीकाकरण के लिए व्यक्त हमारी प्रतिबद्धता को पूरा करने में मदद करेगा।

दूसरी चुनौती जलवायु संकट की है।

हर सदस्य देश चरम मौसमी आपदाओं का सामना कर रहा है, जिनका हमारी अर्थव्यवस्थाओं और हमारे जीवन के लगभग हर पहलू पर व्यापक प्रभाव पड़ता है: कृषि से लेकर बुनियादी ढांचा, जनस्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा तक।

विनाशकारी परिणामों से बचने के लिए, हमें तत्काल संकट को झेलने की क्षमताएं विकसित करने और अपरिहार्य प्रभावों के अनुकूलन हेतु साहसिक कदम उठाने होंगे, और साथ ही नेट-ज़ीरो उत्सर्जन वाली दुनिया बनाने की दिशा में अधिक तत्परता के साथ आगे बढ़ना होगा। यह हमारी साझा ज़िम्मेदारी है, और कॉप26 सम्मेलन के लिए हम इसी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो कुछ ही सप्ताह दूर है।

साथ मिलकर, ओईसीडी देश दुनिया के कार्बन उत्सर्जन में 28 प्रतिशत से अधिक का योगदान करते हैं। विश्व के जीडीपी में हमारा 60 प्रतिशत से अधिक का योगदान है। हमारे द्वारा उठाए गए कदमों का ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस से कम रखने के लक्ष्य को पूरा करने की हमारी क्षमता पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।

हमारे सदस्य राष्ट्रों को उस व्यवहार का मॉडल बनाना चाहिए जिसकी हम दूसरों से अपेक्षा करते हैं। इसका मतलब है उत्सर्जन को कम करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को अपनाना और जलवायु अनुकूलन प्रयासों में निवेश करना, कोयलाजनित अबाध उत्सर्जन को रोकने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ना, देश और विदेश में कोयले में निवेश समाप्त करना तथा जीवाश्म ईंधन संबंधी सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना।

ओईसीडी डिजिटल क्लाइमेट ट्रैकर हमारे द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में हमारे राष्ट्रों की प्रगति पर पारदर्शी तरीके से नज़र रखकर हमें अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद करेगा।

हमें बुनियादी ढांचे में निवेश के संदर्भ में भी उच्च मानकों को अपनाना होगा, जोकि आर्थिक व्यवहार्यता, पारदर्शिता और समावेशिता के साथ-साथ पर्यावरणीय और सामाजिक धारणीयता को भी बढ़ा सकें। इसका मतलब है बंदरगाहों, हवाई अड्डों, सड़कों, पावर ग्रिड, इंटरनेट सुविधआ और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को इस तरह डिज़ाइन और निर्मित करना जिससे कि कार्बन उत्सर्जन में काफ़ी कमी आए, और जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध अधिक मज़बूती सुनिश्चित हो सके।

आज कुछ देर पहले हमने जिस ब्लू डॉट नेटवर्क पर चर्चा की उसके पीछे यही विचार है – जोकि अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की एक पहल है जिसके तहत ओईसीडी और बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा अन्य पक्षों के सहयोग से विकसित मानकों के अनुरूप बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्रमाणित किया जाता है। ओईसीडी की ‘ट्रस्ट इन बिज़नेस’ टीम तथा व्यापार, सिविल सोसायटी और शिक्षा जगत के 160 से अधिक प्रतिनिधियों वाला कार्यकारी परामर्श समूह जिसके गठन में ओईसीडी ने मदद की है, पहले से ही ब्लू डॉट नेटवर्क द्वारा प्रयुक्त तरीकों को मज़बूत करने में जुटे हुए हैं।

ओईसीडी का अनुमान है कि 2 डिग्री सेल्सियस तापमान वृद्धि के परिदृश्य – जोकि हम जानते हैं कि पर्याप्त महत्वाकांक्षी नहीं है – के लिए बुनियादी ढांचे में प्रति वर्ष 6.9 ट्रिलियन डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी, और हम इसमें ओईसीडी के साथ आगे और अधिक सहयोग के व्यापक अवसरों की संभावनाएं देखते हैं।

बुनियादी ढांचे में निवेश इस बात का एक उदाहरण है कि कैसे इस संकट को टालने के लिए हमारे देशों द्वारा उठाए जाने वाले तेज़ और साहसिक कदमों के साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और अच्छे वेतन वाली नौकरियों के सृजन का पीढ़ियों में एक बार मिलने वाला अवसर जुड़ा हुआ है।

लेकिन भले ही हरित अर्थव्यवस्था को अपनाने से नौकरियों के अवसर बढ़ते हों – जोकि हम मानते हैं कि बढ़ेंगे – नई रिक्तियों में से सभी पुरानी नौकरियां गंवाने वाले श्रमिकों द्वारा नहीं भरी जाएंगी। इसलिए सबको साथ लेकर चलना हमारा दायित्व है।

यह मुझे तीसरी चुनौती की ओर लेकर आता है: असमानता। डेटा बिल्कुल स्पष्ट है: महामारी और जलवायु संकट दोनों ही हमारे समाज के कमज़ोर तबकों को सर्वाधिक चोट पहुंचा रहे हैं। हमें अमेरिका में ये बात देखने को मिल रही है, जहां कोविड-19 से होने वाली मौतों में अल्पसंख्यक समुदायों का अनुपात बहुत अधिक है, साथ ही जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों से उन्हें अधिक नुकसान हुआ है।

हम सब इसके लिए कुछ हद तक ज़िम्मेदार हैं। दशकों से, हमारे सदस्य देशों के लिए आर्थिक सफलता का पैमाना मुख्यतया बढ़ती जीडीपी और शेयर सूचकांक रहे हैं – जो लाखों कामकाज़ी परिवारों की वास्तविकता को नहीं दर्शाते हैं। वास्तव में, हमारी अभूतपूर्व आर्थिक वृद्धि अक्सर बढ़ती असमानता के साथ आई है। हमारे सदस्य देशों की जनता और दुनिया भर के लोग अधिक विकास और अधिक समानता चाहते हैं। ओईसीडी इस संबंध में मददगार साबित हो सकता है।

एक तरीका है वैश्विक कॉर्पोरेट न्यूनतम कर दर निर्धारित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाना, जैसा कि मथायस ने चर्चा की। यह हमें उस आत्मघाती होड़ से बचा सकेगा जिसमें हमारे सभी देशों ने अपने कॉर्पोरेट कर दरों को कम कर दिया है, जिसकी प्रतिक्रिया में दूसरे देशों ने भी ऐसा ही किया है। यह होड़ दशकों से चली आ रही है – और कोई भी देश इसमें विजयी नहीं रहा है। इसके बजाय, कम कर दरें नए व्यवसायों को आकर्षित करने में नाकाम रही हैं और इसने श्रमिकों और कंपनियों को एक निष्पक्ष प्रतिस्पर्धी माहौल से वंचित करने का काम किया है। साथ ही, इस रवैये ने कंपनियों के लिए कर भुगतान में अपने उचित योगदान से बचना आसान कर दिया है। ओईसीडी का अनुमान है कि हर साल 100 अरब डॉलर से 240 अरब डॉलर तक की कॉर्पोरेट करवंचना होती है। ये ऐसे संसाधन हैं जिन्हें हमारे समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और हरित बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में लगाया जा सकता है।

कराधान पर एक साझा दृष्टिकोण इस होड़ को समाप्त करेगा, एक निष्पक्ष प्रतिस्पर्धी माहौल स्थापित करेगा और अंतरराष्ट्रीय कर प्रणाली को स्थिरता प्रदान करेगा। और यह राष्ट्रों के बीच अधिक समानता को आगे बढ़ाएगा, जिससे विकासशील देशों के लिए कर राजस्व एकत्र करना और अपनी विकास प्राथमिकताओं में निवेश करना आसान हो जाएगा। हमें इस कार्य को पूरा करना होगा; हमें इसे साथ मिलकर पूरा करना होगा।

ओईसीडी हमें यह भी दिखा सकता है कि बढ़ती असमानता वास्तव में हम सभी को कैसे आहत करती है। अमेरिका भेदभाव की वास्तविक लागत को मापने हेतु डेटा जुटाने और उनके विश्लेषण की ओईसीडी की क्षमता के विस्तार के विभिन्न प्रयासों में निवेश कर रहा है।

उदाहरण के लिए, हम सदस्य देशों द्वारा एलजीबीटीआई समुदाय के समावेश को बढ़ाने के संभावित आर्थिक और सामाजिक लाभों पर ओईसीडी के शोध में निवेश कर रहे हैं। साथ ही, हम नस्ल और लिंग के आधार पर डेटा एकत्र करने और विश्लेषण करने की ओईसीडी की क्षमता के विस्तार में निवेश कर रहे हैं। यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के व्यापक आर्थिक लाभों को प्रदर्शित करने वाले ओईसीडी के महत्वपूर्ण शोध को आगे बढ़ाएगा। उदाहरण के लिए, डेनमार्क, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन में, पिछले 40 से 50 वर्षों के दौरान महिलाओं के लिए रोज़गार के बढ़े अवसरों ने प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी वृद्धि में 10 से 20 प्रतिशत का योगदान किया है।

इन सभी प्रयासों के केंद्र में यह मान्यता है, पहले से कहीं अधिक, कि हमारे राष्ट्रों की सच्ची संपत्ति न केवल हमारी सेनाओं की ताक़त, हमारे भूगोल के विस्तार और हमारे प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता में, बल्कि हमारे लोगों में और उनकी क्षमता को पूरी तरह से उभारने की हमारी क्षमता में निहित है।

और, हमारी चौथी चुनौती नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए नियम तय करने की है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रौद्योगिकी में प्रगति का उपयोग लोगों के जीवनस्तर और मानव स्वतंत्रताओं को बढ़ाने के लिए किया जाता हो – नकि असहमति को दबाने, असमानताओं को बढ़ाने या अल्पसंख्यक समुदायों को लक्षित करने के लिए। उदाहरण के लिए, हमने अमेरिका में देखा है कि कैसे प्रिडिक्टिव एल्गोरिद्म पुलिसिंग से लेकर जेल की सज़ा और पैरोल तक के मामलों में अश्वेत लोगों के खिलाफ़ पूर्वाग्रह को मज़बूत कर सकता है।

साथ मिलकर, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि नए डिजिटल नियम हमारे मूल्यों और हितों पर आधारित हों।

उदाहरण के लिए, हम कृत्रिम बुद्धि (एआई) के क्षेत्र को ले सकते हैं। 2019 में एआई पर ओईसीडी के सिद्धांतों – इस विषय पर पहली बहुराष्ट्रीय नीति – के लिए हमारा संयुक्त समर्थन और 2020 में एआई पर वैश्विक साझेदारी की शुरुआत ने दुनिया के लिए आगे की कार्रवाई का रास्ता तैयार किया है।

अभी पिछले हफ्ते, मैं यूएस-ईयू व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की पहली बैठक के लिए पिट्सबर्ग में अमेरिका की वाणिज्य मंत्री जीना रायमुंडो; अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन तई, जो यहां पेरिस में मौजूद हैं; और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के साथ था।

हमने एआई सिद्धांतों पर एक संयुक्त बयान जारी किया जो ओईसीडी की 2019 की सिफ़ारिशों को मज़बूत करते हुए मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने वाली भरोसेमंद एआई के महत्व को रेखांकित करता है। उससे कुछ ही दिन पहले, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, भारत – तथाकथित क्वाड – ने प्रौद्योगिकी की डिज़ाइनिंग, विकास, नियमन और उपयोग की प्रक्रिया में मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को एकीकृत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

सदस्य देशों के साथ हमारी चल रही बातचीत में प्रौद्योगिकी से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी सामने आए हैं जिनसे हमें इसी तरह से निपटना होगा – जिनमें साइबर सुरक्षा, डिजिटल संपत्ति और सप्लाई चेन सुरक्षा शामिल हैं। हम इस बात पर अपने साथी लोकतंत्रों के साथ परामर्श करने के लिए उत्सुक हैं कि कैसे ओईसीडी इन क्षेत्रों को भी आकार देने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।

ओईसीडी की स्थापना के साठ साल बाद, हम खुद को एक अहम पड़ाव पर पाते हैं।

इस संगठन और हमारे लोकतंत्रों के मूल सिद्धांतों को सत्तावादी सरकारों द्वारा चुनौती दी जा रही है जिनकी दलील है कि उनका मॉडल लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर है। इन्हीं में से कुछ सरकारें नियम-आधारित व्यवस्था को कमज़ोर करने की सक्रिय कोशिश कर रही हैं जो पीढ़ियों से हमारे देशों की सुरक्षा और समृद्धि की नींव है।

चुनौतियां इससे बड़ी नहीं हो सकतीं।

और इसलिए ओईसीडी का काम इतना महत्वपूर्ण कभी नहीं रहा। हमें यह साबित करना होगा कि हमारी प्रणाली लोगों के जीवन को बेहतर बना सकती है – हमारे देशों में और पूरी दुनिया में। और एक तरह से यह पहले की तुलना में अधिक समतापूर्ण है।

आइए हमारे लोकतांत्रिक मॉडल के मूलभूत लाभ को याद रखें: खुलापन। यह हमें – और हमारे नागरिकों को – यह देखने का अवसर देता है कि हम कहां सफल हो रहे हैं और कहां पीछे छूट रहे हैं। एक दूसरे से सीखने का अवसर। खुद को जवाबदेह ठहराने का अवसर। बेहतर करने का अवसर।

और विशेष रूप से ओईसीडी – अपने ठोस और निष्पक्ष अनुसंधान के माध्यम से – यह इंगित करने में मदद करता है कि हम बेहतर जीवन के लिए बेहतर नीतियों की पहचान कर कैसे बेहतर कार्य कर सकते हैं।

1947 में, जब राष्ट्रपति ट्रूमैन मार्शल योजना का पक्ष रखने के लिए अमेरिकी कांग्रेस के सामने गए, तो उन्होंने हाल ही में गठित ओईईसी – ओईसीडी का पूर्ववर्ती – को एक उदाहरण के पेश किया कि क्यों साथी लोकतंत्रों के साथ मज़बूत गठबंधन अमेरिका के हित में था। उन्होंने कहा, उन्हीं के शब्दों में:

“जब 16 संप्रभु राष्ट्रों के प्रतिनिधि – अपने विविध लोगों, इतिहास और संस्थानों के साथ – मिलकर परस्पर घनिष्ठ आर्थिक संबंध बनाने और संकीर्ण राष्ट्रवाद के आत्मघाती कार्यों से अलग होने का फैसला करते हैं, तो रिकवरी के रास्ते की बाधाएं कम कठिन दिखती हैं।”

अब हमारे 38 सदस्य देश हैं, जिसका अर्थ है कि इन बाधाओं को पार करने की हमारी सामूहिक क्षमता और भी अधिक है। और अमेरिका संगठन को मज़बूत होता देखने के लिए प्रतिबद्ध है। हम आगे आम सहमति बनाने के लिए साथी सदस्यों के साथ काम करने के लिए तैयार हैं, इसलिए इच्छुक देश, जो हमारे मूल्यों को साझा करते हैं और ओईसीडी के उच्च मानकों को पूरा करते हैं, संगठन की सदस्यता का विकल्प चुन सकते हैं।

हमारे सामने कितनी भी बड़ी चुनौतियां क्यों न हों, जब हम उनका मिलकर सामना करते हैं तो वे कम दुर्जेय होती हैं। और हर एक चुनौती हमारे लोगों के कल्याण के लिए अवसर प्रदान करती है: हमारे परस्पर जुड़े जनस्वास्थ्य तंत्र को मज़बूत करने के लिए; नए और अच्छे वेतन वाले रोजगार सृजित करते हुए हमारी शानदार धरती के संरक्षण के लिए; सभी की समृद्धि सुनिश्चित करते हुए हमारी अर्थव्यवस्थाओं के विस्तार के लिए; मानव प्रगति और मानवाधिकारों को आगे बढ़ाते हुए नई प्रौद्योगिकियों के उपयोग के लिए। यदि हम सर्वोत्तम नीतियां तैयार करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखते हैं – पिछले 60 वर्षों से हमारा मार्गदर्शन कर रहे साझा मूल्यों को सुरक्षित रखते हुए – तो हम जो हासिल कर सकते हैं उसकी कोई सीमा नहीं है।

बहुत बहुत धन्यवाद। (तालियां।)


मूल स्रोत: https://www.state.gov/secretary-antony-j-blinken-at-oecd-opening-and-keynote-address/

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।

U.S. Department of State

The Lessons of 1989: Freedom and Our Future