अमेरिकी विदेश विभाग
विदेश मंत्री एंटनी जे. ब्लिंकन का बयान
जून 18, 2021

जूनटींथ, या जून 19, अमेरिका में दासता के अंत के उत्सव का एक चिंतनशील दिन है। 1 जनवरी, 1863 को, राष्ट्रपति लिंकन ने दासता को समाप्त करने के लिए मुक्ति उद्घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन ढाई साल बाद, 19 जून 1865 को, जाकर पूरे देश में स्वतंत्रता की उनकी उद्घोषणा लागू हो पाई थी। तब से, जूनटींथ न केवल दासों को संपत्ति माने जाने की प्रथा के प्रभावी अंत का, बल्कि इस वास्तविकता का भी प्रतीक है कि बहुतों के लिए स्वतंत्रता और न्याय में देरी हुई है।

जूनटींथ हमें दासता की स्थायी विरासत का सामना करने और अफ्रीकी अमेरिकियों के लिए पूर्ण समता और न्याय की बाधाओं से निपटने की हमारी ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है। यह हमारे पूरे इतिहास में मौजूद रही प्रतिकूलताओं और संस्थागत नस्लवाद का सामना करते हुए हमारे देश में अफ्रीकी अमेरिकी समुदाय के असाधारण योगदान के सम्मान का भी दिन है।

अमेरिका अब भी मौजूद संस्थागत नस्लवाद और गहरे बैठी असमानताओं को समूल ख़त्म करने और हटाने के लिए ठोस क़दम उठा रहा है। इसकी शुरुआत हमारे दायित्वों और प्रतिबद्धताओं के प्रति जवाबदेही को लेकर अपने लिए उच्चतम संभव मानक तय करने, हमारी निरंतर जारी चुनौतियों को स्वीकार करने और उनसे पारदर्शी तरीके से निपटने से होती है।

इस प्रशासन ने “संघीय सरकार के माध्यम से वंचित समुदायों के लिए नस्लीय समता और समर्थन बढ़ाने” संबंधी कार्यकारी आदेश 13985 जारी करके; विदेश विभाग में मुख्य विविधता एवं समावेशन अधिकारी का पद और संघीय एजेंसियों में समान पदों के सृजन का समर्थन करके; और नस्लीय भेदभाव के उन्मूलन पर समिति हेतु एक उम्मीदवार को नामांकित करके अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। मार्च में, अमेरिका ने नस्लवाद और नस्लीय भेदभाव का मुक़ाबला करने के विषय पर संयुक्तराष्ट्र मानवाधिकार परिषद का संयुक्त वक्तव्य तैयार करने के प्रयासों का नेतृत्व किया, जिसका 158 देशों ने समर्थन किया था। राष्ट्रपति बाइडेन ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका हमेशा दुनिया भर में गरिमा, समता और स्वतंत्रता का समर्थन करेगा।

जूनटींथ जीत का उत्सव नहीं है; बल्कि यह भरोसे और दृढ़ता की पुष्टि है, और यह इस बात का स्मरण कराता है कि न्याय की राह में देरी भले ही हो पर न्याय होकर रहता है। हमें इस राह पर अनवरत चलना चाहिए, भले ही वो आसान या सीधी न हो। आज हम देश और विदेश में नस्लीय न्याय और समता की दिशा में बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दुनिया भर में अफ्रीकी मूल के लोगों के योगदान का सम्मान करने में अमेरिका के साथ शामिल होने का आह्वान करते हैं, और अपने वादे को दोहराते हैं कि इस संबंध में हमारे इतिहास में सर्वाधिक पीड़ादायक अंशों की मौजूदगी बावजूद, हम बदल सकते हैं और बदलेंगे।


मूल स्रोत: https://www.state.gov/in-commemoration-of-juneteenth/

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।

U.S. Department of State

The Lessons of 1989: Freedom and Our Future