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व्हाइट हाउस
वाशिंगटन, डीसी
फरवरी 19, 2021
ईस्ट रूम

11:17 पूर्वाह्न ईएसटी

राष्ट्रपति: धन्यवाद, राजदूत महोदय। और एंगेला और इमैनुएल के साथ मौजूद होना सुखद है। हमने सुबह का एक हिस्सा — वाशिंगटन के परिप्रेक्ष्य में — साथ बिताया है। लेकिन मैं सभी को हेलो कहना चाहता हूं, और म्यूनिख सम्मेलन को इस विशेष सत्र की मेज़बानी के लिए धन्यवाद।

दशकों से, जैसा कि आपने बताया, मैं म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेता रहा हूं — एक अमेरिकी सीनेटर के रूप में, दोनों दलों के सहयोगियों के साथ मिलकर, ट्रांसअटलांटिक साझेदारी के महत्व की पुष्टि करने के लिए; तीन बार अमेरिका के उपराष्ट्रपति के रूप में, जिनमें से एक मौक़ा हमारा कार्यकाल शुरू होने के शुरुआती महीनों में अंतरराष्ट्रीय विदेश नीति पर ओबामा-बाइडेन प्रशासन की पहली उद्घोषणा का था।

और दो साल पहले, जैसा कि आपने बताया, आख़िरी बार म्यूनिख में संबोधन के समय मैं एक आम नागरिक था; मैं एक प्रोफ़ेसर था, निर्वाचित अधिकारी नहीं था। लेकिन मैंने उस समय कहा था, “हम वापस आएंगे।” और मैं बात का पक्का आदमी हूं। अमेरिका वापस आ गया है।

मैं आज अपने प्रशासन के बिल्कुल शुरुआती दौर में अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में बात कर रहा हूं, और मैं दुनिया को एक स्पष्ट संदेश भेज रहा हूं: अमेरिका वापस आ गया है। ट्रांसअटलांटिक गठबंधन वापस आ गया है। और हम पीछे मुड़कर नहीं देख रहे हैं; हम भविष्य की ओर उन्मुख हैं, एक साथ।

मुख्य बात ये है: ट्रांसअटलांटिक गठबंधन एक मज़बूत नींव है जिस पर कि हमारी सामूहिक सुरक्षा और हमारी साझा समृद्धि टिकी हुई है। मेरे विचार में, यूरोप और अमेरिका के बीच साझेदारी उन सभी उद्देश्यों के लिए आधारशिला है, और रहनी चाहिए, जो हम  21वीं सदी में हासिल करना चाहते हैं, जैसा कि हमने 20वीं सदी में किया था।

आज हमारे सामने अलग तरह की चुनौतियां हैं। हम एक अहम मोड़ पर हैं। जब मैंने आपसे एक सीनेटर के रूप में और यहां तक कि उपराष्ट्रपति के रूप में भी बात की थी, तब से वैश्विक समीकरण बदल गए हैं। हमें नए संकटों पर ध्यान देने की ज़रूरत है। और हम केवल दुनिया के विभाजन का जोख़िम पैदा करने वाली देशों की आपसी प्रतिस्पर्धा पर, या सिर्फ़ परस्पर सहयोग के अभाव में सबको ले डूबने का ख़तरा बनने वाली वैश्विक चुनौतियों पर ही ध्यान केंद्रित करके बैठ नहीं सकते। हमें अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ चलते हुए, दोनों पर ही काम करने होंगे।

इसलिए सबसे पहले मैं किसी भी प्रकार के संदेह को मिटाना चाहूंगा: अमेरिका अपने यूरोपीय संघ के साझेदारों और रोम से रीगा तक इस महाद्वीप के तमाम देशों के साथ मिलकर काम करेगा — हमारे समक्ष मौजूद विभिन्न साझा चुनौतियों से निपटने के लिए।

हम संपूर्ण यूरोप के एकजुट और मुक्त और शांतिपूर्ण होने के लक्ष्य को अपना समर्थन जारी रख रहे हैं। अमेरिका अपने नैटो गठबंधन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, और मैं सैन्य क्षमताओं में यूरोप के बढ़ते निवेश का स्वागत करता हूं जो हमारी साझा सुरक्षा को संभव बनाते हैं।

आप जानते हैं, मेरे लिए और अमेरिका के लिए, और हम सबके लिए, हमारा अनुच्छेद 5 पर भरोसा है। यह एक गारंटी है। किसी एक पर हमला, हम सब पर हमला है। यह हमारा अटल संकल्प है। और केवल एक बार ही अनुच्छेद 5 को लागू किया गया था,  अमेरिका पर 9/11 के हमले के बाद। आप, हमारे सहयोगी, अल क़ायदा से लड़ाई में हमारे साथ आए थे, और अफ़ग़ानिस्तान में आगे की राह पर अमेरिका नैटो सहयोगियों और साझेदारों के साथ निकट परामर्श करते रहने के लिए प्रतिबद्ध है।

मेरा प्रशासन वर्तमान में जारी कूटनीतिक प्रक्रिया का और 20 साल से जारी इस युद्ध को समाप्त करने का समर्थन करता है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि अफ़ग़ानिस्तान कभी भी अमेरिका और हमारे साझेदारों और हमारे हितों के खिलाफ़ आतंकवादी हमलों के लिए आधार मुहैय्या नहीं कराए।

हमारे यूरोपीय साझेदार भी आइसिस का मुक़ाबला करने के लिए हमारे साथ खड़े हैं। इस हफ़्ते, नैटो के रक्षा मंत्रियों ने इराक़ के लिए ख़ासे विस्तृत प्रशिक्षण और सलाहकारी मिशन का समर्थन किया, जिसकी आइसिस के साथ चल रही लड़ाई में अहम भूमिका होगी। हम आइसिस को दोबारा सक्रिय और संगठित होने तथा मध्य पूर्व में, यूरोप में, अमेरिका में और अन्य जगहों पर लोगों के लिए ख़तरा बनने की अनुमति नहीं दे सकते।

और जब अमेरिका दुनिया भर में अपने ख़ुद के सैनिक बलों की तैनाती की गहन समीक्षा कर रहा है, मैंने जर्मनी से अमेरिकी सैनिकों की वापसी को रोकने का आदेश दिया है। मैं जर्मनी में मौजूद अमेरिकी सैनिकों की संख्या की पिछले प्रशासन द्वारा तय सीमा को भी समाप्त कर रहा हूं।

मुझे पता है – मैं जानता हूं कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान हमारे ट्रांसअटलांटिक रिश्ते को तनाव और चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन अमेरिका यूरोप के साथ फिर से सहभागिता के लिए, आपसे परामर्श करने के लिए, विश्वसनीय नेतृत्व की अपनी भूमिका को वापस पाने के लिए कटिबद्ध है।

इससे पहले आज मैंने, जैसा कि मैंने ज़िक्र किया था, जी7 नेताओं की बैठक में पहली बार भाग लिया, जहां मैंने कोविड-19, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और तेज़ी से बढ़ते जलवायु संकट, और अन्य अनेक चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय कार्रवाई के समन्वय की सख़्त ज़रूरत के बारे में बात की।

इन लक्ष्यों को हासिल करना एक अहम रणनीतिक प्रस्थापना पर निर्भर करता है, और वो ये है: अमेरिका को अपनी दीर्घकालिक बढ़त को नवीनीकृत करना होगा ताकि हम आज की चुनौतियों से ताक़त वाली स्थिति में रहकर निपट सकें। इसका मतलब है हमारी आर्थिक नींव का बेहतर पुनर्निर्माण; अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में अपने स्थान को हासिल करना; स्वदेश में अपने मूल्यों पर ज़ोर देना, और दुनिया भर में उनके समर्थन में आवाज़ उठाना; कूटनीति के सहारे नेतृत्व करते हुए अपनी सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बनाना; तथा अमेरिका के गठबंधनों और साझेदारों के नेटवर्क को पुनर्जीवित करना जिसने कि दुनिया को सबके के लिए सुरक्षित बनाने का काम किया है।

मुझे आशा है कि हमारे साथी लोकतांत्रिक देश इस महत्वपूर्ण कार्य में हमारा साथ देंगे। हमारी साझेदारियां वर्षों से चली आ रही हैं और बढ़ी हैं क्योंकि वे हमारे समृद्ध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों में निहित हैं। ये लेनदेन पर आधारित नहीं हैं। ये फ़ायदे उठाने के लिए नहीं हैं। ये भविष्य की एक ऐसी संकल्पना पर आधारित हैं जहां हर आवाज़ मायने रखती है, सभी के अधिकारों की रक्षा की जाती है और क़ानून के शासन को बरक़रार रखा जाता है।

इस संकल्पना का कोई भी उद्देश्य पूरी तरह से हासिल नहीं हुआ है। हम उस दिशा में निरंतर अग्रसर हैं। और कई स्थानों पर, जिनमें यूरोप और अमेरिका भी शामिल हैं, लोकतांत्रिक प्रगति पर चोट की जा रही है।

मैं आपमें से कइयों को बहुत लंबे समय से जानता हूं, और आप जानते हैं कि मैं अपने मन की बात कहता हूं, इसलिए मैं आपसे बिल्कुल खरी बात कहता हूं: हम अपनी दुनिया के भविष्य और दिशा को लेकर एक बुनियादी बहस में लगे हुए हैं। हम दो पक्षों के बीच एक अहम मोड़ पर हैं, जहां सारी चुनौतियों — चौथी औद्योगिक क्रांति से लेकर वैश्विक महामारी — के मद्देनज़र एक की दलील ये है कि अधिनायकवाद सबसे अच्छा तरीक़ा है, जबकि दूसरा पक्ष लोकतंत्र को अनिवार्य मानता है — उन चुनौतियों का सामना करने के लिए अनिवार्य।

इतिहासकार एक अहम मोड़ के तौर पर इस दौर की पड़ताल करेंगे, जैसा कि मैंने कहा। और मेरा विश्वास है — मेरे रोम-रोम में बसा विश्वास — कि लोकतंत्र प्रबल साबित होगा और ऐसा होना ही चाहिए। हमें ये प्रदर्शित करना चाहिए कि लोकतांत्रिक देश इस बदली हुई दुनिया में अभी भी हमारे लोगों के हितों का ख़्याल रख सकते हैं। मेरे विचार में, यही हमारा प्रेरक मिशन है।

लोकतंत्र कोई दुर्घटनावश नहीं स्थापित होता है। हमें इसका बचाव करना होगा, इसके लिए लड़ना होगा, इसे मज़बूत करना होगा, इसे नवीनीकृत करना होगा। हमें ये साबित करना होगा कि हमारा शासन मॉडल हमारे इतिहास का अवशेष नहीं है; बल्कि यह हमारे भविष्य के वादे में जाने डालने का सबसे अच्छा तरीक़ा है। और अगर हम अपने लोकतांत्रिक साझेदारों के साथ, मज़बूती और आत्मविश्वास के साथ काम करें, तो मुझे पता है कि हम हर चुनौती का सामना कर सकेंगे और हर चुनौती से पार पाएंगे।

आपको पता होना चाहिए कि हमें चीन के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के लिए मिलकर तैयारी करनी होगी। अमेरिका, यूरोप और एशिया शांति को संरक्षित रखने और हमारे साझा मूल्यों की रक्षा करने के लिए किस प्रकार मिलकर काम करते हैं और पूरे प्रशांत क्षेत्र में हमारी समृद्धि का प्रसार करते हैं, ये हमारे सर्वाधिक दूरगामी परिणाम वाले प्रयासों में से एक होगा। चीन के साथ प्रतिस्पर्धा कड़ी होने जा रही है। यही मैं उम्मीद करता हूं, और मैं इसका स्वागत करता हूं, क्योंकि मेरा उस वैश्विक प्रणाली में विश्वास है जिसे तैयार करने के लिए यूरोप और अमेरिका ने, हिंद-प्रशांत में हमारे सहयोगियों के साथ मिलकर, पिछले 70 वर्षों में इतनी मेहनत की है।

भविष्य की दौड़ को हम नियंत्रित कर सकते हैं। लेकिन ऐसा करने के लिए, हमें उन ऐतिहासिक निवेशों और साझेदारियों के बारे में स्पष्ट दृष्टि रखनी होगी जोकि इसके लिए आवश्यक होंगें। हमें रक्षा करनी होगी — हमें नवाचार के परिवेश की, बौद्धिक संपदा की, तथा खुले, लोकतांत्रिक समाजों में विचारों के मुक्त आदान-प्रदान के साथ पनपने वाली रचनात्मक प्रतिभा की रक्षा करनी होगी। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि विकास का लाभ व्यापक रूप से और समान रूप से साझा किया जाए, न कि ये केवल कुछ लोगों को ही मिले।

हमें अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था की बुनियाद को कमज़ोर करने वाले चीन सरकार के आर्थिक दुर्व्यवहारों और ज़बरदस्ती का विरोध करना होगा। सबको समान नियमों के तरह कार्य करना चाहिए।

अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों को सार्वजनिक रूप से कॉरपोरेट गवर्नेंस संरचनाओं का खुलासा करने तथा भ्रष्टाचार और एकाधिकार प्रथाओं को रोकने के नियमों के अनुपालन की आवश्यकता होती है। चीनी कंपनियों पर भी समान मानक लागू होने चाहिए।

हमें साइबरस्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के विकास और व्यवहार के मानदंडों को नियंत्रित करने वाले नियम निर्धारित करने चाहिए ताकि लोगों को ऊपर उठाने के लिए उनका उपयोग किया जाए, न कि उन पर अपनी मर्ज़ी थोपने के लिए। हमें उन लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में खड़ा होना चाहिए, जो हमारे लिए इन्हें हासिल करना, और उन लोगों के खिलाफ़ क़दम उठाना संभव बनाते हैं जोकि एकाधिकार और दमन की कार्रवाई को सामान्य बनाना चाहते हैं।

आपको पता होना चाहिए, कि इसी तरीक़े से हम रूस के ख़तरे का सामना करने में भी सक्षम होंगे। क्रेमलिन हमारे लोकतंत्रों पर हमला करता है और हमारे शासन तंत्र को कमज़ोर करने के प्रयास के तहत भ्रष्टाचार को हथियार बनाता है। रूसी नेता चाहते हैं कि लोग ये सोचें कि हमारी प्रणाली अधिक भ्रष्ट या उनके समान ही भ्रष्ट है। लेकिन ख़ुद रूस के नागरिकों सहित पूरी दुनिया जानती है कि यह सच नहीं है।

पुतिन यूरोपीय परियोजना को और हमारे नैटो गठबंधन को कमज़ोर करने का प्रयास कर रहे हैं। वह ट्रांसअटलांटिक एकता और हमारे संकल्प को कमज़ोर करना चाहते हैं, क्योंकि क्रेमलिन के लिए एक मज़बूत और घनिष्टता से एकजुट ट्रांसअटलांटिक समुदाय का सामना करने के बजाय अलग-अलग राष्ट्रों पर धौंस जमाना और उन्हें धमकाना बेहद आसान है।

यही कारण है कि यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खड़ा होना यूरोप और अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि दुस्साहस का — रूसी दुस्साहस, और अमेरिका और यूरोप और दुनिया भर में कंप्यूटर नेटवर्क में उसकी हैकिंग का मुक़ाबला करना हमारी सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। रूस के साथ चुनौतियों का स्वरूप चीन की तुलना में भिन्न हो सकता है, लेकिन वे भी उतनी ही वास्तविक हैं।

और यह पश्चिम के खिलाफ पूर्व को खड़ा करने की बात नहीं है। ऐसी बात नहीं है कि हम संघर्ष चाहते हैं। हम एक ऐसा भविष्य चाहते हैं जहां सभी देश हिंसा या धौंसपट्टी के ख़तरे के बिना स्वतंत्र रूप से अपना रास्ता तय कर सकें। हम बाध्यकारी प्रतिक्रिया या शीतयुद्धकालीन अलचीले गुटों के दौर में वापस नहीं लौट सकते और ऐसा करना भी नहीं चाहिए। प्रतिस्पर्धा हमें उन मुद्दों पर सहयोग से नहीं रोकता जो हम सभी को प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए, अगर हम हर जगह कोविड-19 को हराना चाहते हैं तो हमें सहयोग करना होगा।

मेरा प्रथम राष्ट्रपतीय राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देश कोविड-19 को हराने तथा अगली महामारी को रोकने और उसके वास्ते बेहतर ढंग से तैयारी करने के लिए स्वास्थ्य और मानवीय सहायता प्रयासों को बढ़ाने पर केंद्रित है।

आज, मैं घोषणा करता हूं कि अमेरिका कोवैक्स के लिए 2 बिलियन डॉलर की सहायता का वचन दे रहा है, साथ ही अतिरिक्त 2 बिलियन डॉलर का वायदा करते हुए हम दूसरों से भी अपना योगदान बढ़ाने का आग्रह करते हैं।

लेकिन, जब हम इस महामारी की जकड़ से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे हैं, अफ़्रीका में इबोला का फिर से सिर उठाना एक गंभीर चेतावनी है कि हमें अंततः साथ-साथ ही अंतत: स्वास्थ्य सुरक्षा में निवेश करना होगा; वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना होगा; और भविष्य के जैविक ख़तरों को रोकने, पता लगाने और उसके मुक़ाबले के लिए आरंभिक चेतावनी प्रणाली तैयार करना होगा, क्योंकि महामारियां आती ही रहेंगी। हमें विश्व स्वास्थ्य संगठन को मज़बूत करने और उसमें सुधार के लिए मिलकर काम करना होगा। हमें जैविक ख़तरों पर केंद्रित संयुक्तराष्ट्र की एक प्रणाली की आवश्यकता है जो तुरंत आगे बढ़कर कार्रवाई कर सके।

इसी तरह, हम जलवायु परिवर्तन का सामना करने में देरी करने या बस न्यूनतम प्रयास करने का अब और जोख़िम नहीं ले सकते हैं। यह एक वैश्विक, अस्तित्वगत संकट है, और हम सभी इसकी मार झेलेंगे — यदि हम विफल रहे तो हम सभी को परिणाम भुगतने होंगे।

हमें अपने उत्सर्जन पर आक्रामकता के साथ अंकुश लगाने तथा अपने लक्ष्यों को पूरा करने और अपनी महत्वाकांक्षाओं को बढ़ाने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने के वास्ते अपनी प्रतिबद्धताओं पर तेज़ी से काम करना होगा।

यही कारण है कि, राष्ट्रपति के रूप में, मैंने तत्काल पेरिस समझौते में दोबारा शामिल होने का काम किया, और आज  अमेरिका आधिकारिक तौर पर एक बार फिर पेरिस समझौते में एक पक्ष बन गया है, जिसे तैयार करने में हमने मदद की थी।

पृथ्वी दिवस पर, मैं जलवायु पर अमेरिका में घरेलू पहलक़दमियों सहित शीर्ष उत्सर्जकों के बीच अधिक महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों के संचालन में मदद के लिए नेताओं के एक शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करूंगा।

मैं आभारी हूं — मैं पिछले चार वर्षों में जलवायु मुद्दों पर यूरोप के निरंतर नेतृत्व के लिए आभारी हूं। हमें मिलकर उन तकनीकी नवाचारों में निवेश करने की आवश्यकता है जो हमारे स्वच्छ ऊर्जा केंद्रित भविष्य का निर्माण करें और वैश्विक बाजारों के लिए स्वच्छ ऊर्जा समाधान तैयार करने में सक्षम हों।

परमाणु प्रसार के ख़तरे को देखते हुए, हमारे बीच समझदारी भरी कूटनीति और सहयोग की आवश्यकता बरक़रार है। हमें रणनीतिक ग़लतफ़हमियों या ग़लतियों के जोख़िम को कम करने के लिए पारदर्शिता और संवाद की आवश्यकता है। यही कारण है कि अमेरिका और रूस ने, अन्य प्रतिस्पर्धाओं के बावजूद, मेरे आने के बाद, मेरे शपथ लेने के बाद, नई स्टार्ट संधि को अतिरिक्त चार (पांच) वर्षों के लिए बढ़ा दिया है।

इसीलिए हमने कहा है कि हम ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पी5 + 1 के साथ फिर से बातचीत के लिए तैयार हैं। हमें मध्य पूर्व में ईरान की अस्थिरकारी गतिविधियों को भी देखना होगा, और आगे बढते हुए हम अपने यूरोपीय और अन्य सहयोगियों के साथ निकट सहयोग करते हुए काम करते रहेंगे। हम यह सुनिश्चित करने के लिए भी काम करेंगे कि आतंकवादी समूह आण्विक और रेडियोधर्मी सामग्री हासिल नहीं कर सकें या उनका उपयोग नहीं कर पाएं।

देखिए, यूरोप और अमेरिका को मिल रही साझा चुनौतियों का दायरा व्यापक और जटिल है। और मैं सुनने के लिए उत्सुक हूं — मैं आगे अपने प्रिय मित्रों और उत्कृष्ट नेताओं से, और चांसलर मेर्कल से साथ मिलकर आगे बढ़ने के मार्ग के बारे में उनके विचार सुनने को उत्सुक हूं।

इसलिए मैं ये कहकर अपनी बात समाप्त करूंगा: हम आत्मसंदेह को एक-दूसरे के साथ या व्यापक विश्व के साथ सहभागिता की अपनी क्षमता में बाधा नहीं बनने दे सकते। पिछले चार साल कठिन रहे हैं। लेकिन यूरोप और अमेरिका को एक बार फिर आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करना होगा; अपनी क्षमताओं में भरोसे, हमारी ख़ुद की पुनर्स्थापना की प्रतिबद्धता, परस्पर विश्वास तथा हमारे भविष्य को सुरक्षित करने हेतु मिलकर हर चुनौती से निपटने की यूरोप और अमेरिका की क्षमता के साथ।

मुझे पता है कि हम ऐसा कर सकते हैं। हमने पहले भी किया है। कल ही — सात महीने और 300 मिलियन मील की यात्रा के बाद — नासा ने पर्सीवरेंस रोवर को सफलतापूर्वक उतारा है। वह, हमारे यूरोपीय साझेदारों के योगदान के साथ, हमारे ग्रह से परे जीवन की संभावनाओं का सबूत ढूंढने और ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने के लिए अन्वेषण मिशन पर है।

अगले कुछ वर्षों में — “पर्सी” (अश्रव्य) कॉल — पर्सीवरेंस लाल ग्रह पर नमूनों का चयन करने और उन्हें एक जगह एकत्रित करने का काम करेगा ताकि नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के संयुक्त प्रयास के रूप में परिकल्पित एक और मिशन और रोवर वैज्ञानिक चमत्कारों वाले उस खज़ाने को ग्रहण करें और उन्हें हमारे पास लेकर आएं।

ये एक उदाहरण है कि हम साथ मिलकर क्या कर सकते हैं। मंगल पर जाने और वापस आने की हमारी अपार क्षमता एक ही बात बताती है कि हम पृथ्वी पर किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। हमारे पास वह सब कुछ है जो हमें चाहिए। और मैं चाहता हूं कि आपको ज्ञात हो कि अमेरिका अपने हिस्से का योगदान करेगा। हम आपके साथ खड़े रहेंगे। हम अपने साझा मूल्यों के लिए लड़ेंगे। हम इतिहास में इस नए पल की चुनौतियों का सामना करेंगे।

अमेरिका वापस आ गया है। इसलिए आइए एकजुट हो जाएं और पड़पोतों के लिए, जब वे हमारे बारे में पढ़ेंगे, प्रदर्शित करें कि लोकतंत्र काम करता है और क़ामयाब है, और एकजुटता के बल पर हमारे लिए कुछ भी असंभव नहीं है। इसलिए आइए काम शुरू कर दें।

आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। धन्यवाद, मित्रों।


मूल स्रोत: https://www.whitehouse.gov/briefing-room/speeches-remarks/2021/02/19/remarks-by-president-biden-at-the-2021-virtual-munich-security-conference/

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।

U.S. Department of State

The Lessons of 1989: Freedom and Our Future