अमेरिकी विदेश विभाग
प्रवक्ता का कार्यालय
प्रेस को संबोधन
अगस्त 25, 2021

प्रेस ब्रीफ़िंग रूम
वाशिंगटन, डीसी

विदेश मंत्री ब्लिंकन: नमस्कार। मैं आप सभी को अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति और वहां चल रहे हमारे प्रयासों, ख़ासकर जोकि अमेरिकी नागरिकों से संबंधित हैं, के बारे में नवीनतम जानकारी देना चाहता हूं। और, उसके बाद मुझे आपके सवालों का जवाब देने में बहुत खुशी होगी।

सबसे पहले मैं अपने राजनयिकों और सैनिकों की तारीफ़ करना चाहूंगा जो अमेरिकियों, उनके परिवारों, सहयोगी और साझेदार देशों के नागरिकों, पिछले 20 वर्षों के दौरान हमारे साथ सहयोग करने वाले अफ़ग़ानों और ख़तरों का सामना कर रहे अन्य अफ़ग़ानों की निकासी की व्यवस्था के लिए काबुल में हवाई अड्डे पर और पारगमन स्थलों, जिनकी संख्या निरंतर बढ़ रही है, पर चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। वे अत्यंत कठिन परिस्थितियों में असाधारण साहस, कौशल और मानवता भाव के साथ इस मिशन को अंजाम दे रहे हैं।

14 अगस्त से अब तक 82,300 से अधिक लोगों को काबुल से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। मंगलवार से बुधवार की 24 घंटे की अवधि में, लगभग 19,000 लोगों को अमेरिकी सेना और गठबंधन की 90 उड़ानों से निकाला गया। केवल अमेरिका ही इस पैमाने और जटिलता वाले मिशन की व्यवस्था और निष्पादन कर सकता है।

जैसा कि राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है, हमारी पहली प्राथमिकता है अमेरिकी नागरिकों को निकालना। 14 अगस्त के बाद से हमने कम से कम 4,500 और संभवत: अधिक अमेरिकी नागरिकों को बाहर निकाला है। इनमें से 500 से अधिक अमेरिकियों को तो पिछले दिन ही निकाला गया है।

अब, आप में से कई लोगों ने पूछा है कि अफ़ग़ानिस्तान में ऐसे कितने अमेरिकी नागरिक रह गए हैं जोकि देश छोड़ना चाहते हैं। हमारे विश्लेषण के अनुसार, 14 अगस्त को जब हमारा निकासी अभियान शुरू हुआ, तब अफ़ग़ानिस्तान में क़रीब 6,000 अमेरिकी नागरिक थे जोकि वहां से बाहर निकलना चाहते थे। पिछले 10 दिनों में, इनमें से लगभग 4,500 अमेरिकियों को उनके निकटतम परिजनों के साथ सुरक्षित निकाल लिया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान, हम लगभग 500 अतिरिक्त अमेरिकियों के साथ सीधे संपर्क में रहे हैं और हमने उन्हें हवाई अड्डे तक सुरक्षित रूप से पहुंचने के बारे में विशेष निर्देश दिए हैं। इन 500 अमेरिकी नागरिकों को अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकालने को लेकर होने वाली प्रगति के बारे में हम आपको नियमित रूप से अपडेट करेंगे।

बाक़ी जिन लगभग 1,000 व्यक्तियों की जानकारी हमारे पास थी जोकि अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने के इच्छुक अमेरिकी हो सकते हैं, उनसे हम संवाद के कई चैनलों – फोन, ईमेल, टेक्स्ट मैसेजिंग – के माध्यम से दिन में कई बार सक्रिय रूप से संपर्क करने की कोशिश रहे हैं, ये सुनिश्चित करने के लिए कि क्या वे अभी भी देश छोड़ना चाहते हैं, और साथ ही ऐसा करने के तरीक़े के बारे में उन्हें नवीनतम जानकारी और निर्देश देने के लिए। उनमें से कुछ अब शायद देश में नहीं हों। कुछ ने अमेरिकी होने का दावा किया हो लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं हो। कुछ शायद वहीं रहना चाहते हों। हम आगे भी इन लोगों की स्थिति और योजनाओं के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करना जारी रखेंगे।

इस प्रकार, लगभग 1,000 लोगों की इस सूची के आधार पर, हमारा मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने के लिए सक्रिय रूप से सहायता मांगने वाले अमेरिकियों की संख्या कम है, संभवतः बहुत कम।

यह कहने के बावजूद, ये परिवर्तनशील गणनाएं हैं जिसे सटीक बनाने के लिए हम निरंतर काम कर रहे हैं। और, अब मैं संक्षेप में ये बताना चाहूंगा कि किसी भी समय पूर्ण सटीकता के साथ इन संख्याओं का निर्धारण करना मुश्किल क्यों है। और, सबसे पहले मैं उन अमेरिकियों की बात करना चाहता हूं जो अफ़ग़ानिस्तान में हैं और जिनके बारे में हमारा मानना है कि वे देश छोड़ना चाहते हैं।

सबसे पहले, मैं समझता हूं आप सभी जानते हैं कि अमेरिकी सरकार दुनिया भर में यात्रा करते अमेरिकियों की गतिविधियों को ट्रैक नहीं करती है। जब अमेरिकी किसी दूसरे देश की यात्रा करते हैं या यदि वे वहां रहते हैं, तो हम उन्हें अमेरिकी दूतावास में पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वे ऐसा करते हैं या नहीं ये उन पर निर्भर करता है; यह स्वैच्छिक काम है। और फिर, जब अमेरिकी किसी दूसरे देश को छोड़ते हैं, तो भी ये उन पर ही निर्भर करता है कि वे अपना पंजीकरण रद्द कराएं। यह भी एक ऐच्छिक विकल्प है, नकि अनिवार्यता।

ख़ासकर अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए, हम कई वर्षों से अमेरिकियों से वहां की यात्रा नहीं करने का आग्रह कर रहे थे। हम अफ़ग़ानिस्तान में रहने वाले अमेरिकियों से पंजीकरण के लिए बार-बार कहते रहे हैं। और इस साल मार्च के बाद से, हमने काबुल स्थित दूतावास में पंजीकृत अमेरिकियों को 19 अलग-अलग संदेश भेजकर देश छोड़ने हेतु प्रोत्साहित किया और इसके लिए आग्रह किया। हमने व्यक्तिगत तौर पर भेजे गए उन संदेशों के साथ ही विदेश विभाग की वेबसाइट और सोशल मीडिया के ज़रिए इस बात को अधिकाधिक प्रसारित करने का काम किया है। हमने यह भी स्पष्ट किया कि हम उनके स्वदेश आगमन की प्रक्रिया पर होने वाले ख़र्च के भुगतान में मदद करेंगे, और हमने अफ़ग़ानिस्तान में रह रहे और वहां से निकलने में मदद चाहने वाले अमेरिकियों को हमसे संपर्क करने के लिए संवाद के कई माध्यम प्रदान किए हैं।

अफ़ग़ानिस्तान में देश छोड़ने के इच्छुक अमेरिकियों की विशिष्ट अनुमानित संख्या बढ़ सकती है यदि लोग उन तक पहुंचने के हमारे प्रयासों का पहली बार जवाब देते हों, और यह संख्या घट भी सकती है यदि वैसे अमेरिकी जिन्हें हम अफ़ग़ानिस्तान में मान रहे थे, हमें बताते हैं कि वे पहले ही देश से बाहर जा चुके हैं। अफ़ग़ानिस्तान में ऐसे अन्य अमेरिकी भी हो सकते हैं जिन्होंने कभी भी दूतावास में पंजीकरण नहीं कराया, सार्वजनिक निकासी नोटिसों को नज़रअंदाज़ किया, और जिन्होंने अभी तक हमसे संपर्क नहीं किया है।

हमने ये भी पाया है कि बहुत से लोग जो हमसे संपर्क करते हैं और खुद को अमेरिकी नागरिक बताते हैं, जिसमें उनका प्रत्यावर्तन सहायता फॉर्म भरना और जमा करना शामिल है, पर वास्तव में वे अमेरिकी नागरिक नहीं हैं – ऐसे तथ्यों को सत्यापित करने में कुछ समय लग सकता है। कुछ अमेरिकी शायद अफ़ग़ानिस्तान में रहना पसंद कर सकते हैं – कुछ जो पंजीकृत हैं, और कुछ जो नहीं हैं। इनमें से कई दोहरी नागरिकता वाले हैं जो अफ़ग़ानिस्तान को अपना घर मान सकते हैं, जो वहां दशकों से रह रहे हैं, या जो अपने वृहत परिवार के क़रीब रहना चाहते हैं। और ऐसे अमेरिकी भी हैं जो अभी भी देश छोड़ने के निर्णय का उस स्थिति के आधार पर मूल्यांकन कर रहे हैं जो रोज़ बदल रही है – वास्तव में, जो हर घंटे बदल रही है।

कुछ लोग बहुत डरे हुए हैं जोकि समझा जा सकता है। प्रत्येक की व्यक्तिगत प्राथमिकताएं और निजी सोच होती है जिसका मूल्यांकन केवल वे ही कर सकते हैं। वे एक दिन से दूसरे दिन अपना विचार भी बदल सकते हैं, जैसा कि देखा जा चुका है और जो आगे भी होता रहेगा।

अंत में, पिछले 10 दिनों में हम रोज़ सैकड़ों अमेरिकी नागरिकों को अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकालते रहे हैं। ज़्यादातर मामलों में वे हमारे द्वारा हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए गाइड किए जाते हैं, कुछ मामलों में अपने दम पर वहां पहुंचते हैं, जबकि कई अन्य मामलों में तीसरे देशों की मदद से या निजी प्रयासों से। हम अपनी सूची को फ़्लाइट रिकॉर्ड, आगमन रिकॉर्ड  और अन्य डेटाबेस से भी मिलाकर देखते हैं। आमतौर पर हमें उनकी स्थिति सत्यापित करने में लगभग 24 घंटे का समय लगता है। इसलिए जब आप अफ़ग़ानिस्तान में अभी भी मौजूद और वहां से निकलने के इच्छुक अमेरिकियों की संख्या के आकलन के लिए हमारे द्वारा प्रयुक्त इन सभी सूचनाओं पर ध्यान देंगे, तो आपको पता चल जाएगा कि किसी भी समय इस संख्या का आकलन करना कठिन क्यों है, और हम इसे लगातार संशोधित क्यों कर रहे हैं।

और यही कारण है कि हम संपर्क करने के अपने काम को अथक जारी रख रहे हैं। 14 अगस्त के बाद से, हम अफ़ग़ानिस्तान में हमारे साथ पंजीकृत प्रत्येक अमेरिकी से सीधे संपर्क कर चुके हैं, अक्सर कई बार। सैकड़ों कॉन्सुलर अधिकारी, स्थानीय रूप से नियुक्त कर्मचारी, यहां वाशिंगटन में तथा दुनिया भर के दर्जनों दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में स्थित कर्मचारी, एक अभूतपूर्व ऑपरेशन का हिस्सा हैं। वे फ़ोन पर संपर्क कर रहे हैं, टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए संपर्क कर रहे हैं, ईमेल भेज रहे हैं, ईमेल का जवाब दे रहे हैं, वहां मौजूद अमेरिकियों के साथ व्यक्तिगत संवाद के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

14 अगस्त के बाद से, हमने पंजीकृत व्यक्तियों को 20,000 से अधिक ईमेल भेजे हैं, 45,000 से अधिक फ़ोन कॉल किए हैं, और संवाद के अन्य साधनों का उपयोग किया है, अपनी सूची को बार-बार संशोधित और अपडेट किया है। हम रीयलटाइम में उस सूचनाओं को भी एकीकृत कर रहे हैं जो हमें कांग्रेस के सदस्यों, ग़ैरसरकारी संगठनों और अमेरिकी नागरिकों द्वारा उन अमेरिकियों के बारे में प्रदान की जाती हैं जो अफ़ग़ानिस्तान में हो सकते हैं और बाहर निकलना चाहते हैं।

इन संपर्कों के माध्यम से ही हम अफ़ग़ानिस्तान में रहने वाले अमेरिकियों के ठिकाने का, उनके देश छोड़ने से संबंधित फ़ैसले का, उन्हें मदद की ज़रूरत का निर्धारण करते हैं, और फिर उन्हें इसके लिए विशिष्ट निर्देश देते हैं और ज़रूरत पड़ने पर उपयोग के लिए रीयलटाइम आपातकालीन संपर्क नंबर भी।

अब, मैं उन अमेरिकियों की संख्या की बात करता हूं जिन्हें बाहर निकाला गया है। जैसा कि मैंने कहा, हमारा मानना है कि हमने 4,500 से अधिक अमेरिकी पासपोर्ट धारकों और उनके परिवारों को निकाला है। यह संख्या भी परिवर्तनशील है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस अहम वक़्त में, हम अमेरिकियों और उनके परिवारों को यथाशीघ्र विमानों पर लाने, उन्हें अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकालने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, और उनके देश से सुरक्षित रूप से बाहर आने के बाद कुल संख्या का निर्धारण कर रहे हैं। हम ये सुनिश्चित करने के लिए संख्याओं को सत्यापित भी करते हैं कि हम अनजाने में कम या अधिक गिनती नहीं करें।

इसलिए मैं ये सब बताना चाहता था क्योंकि मुझे पता है कि ये एक बुनियादी सवाल है जो आप में से कई लोगों के मन में है, और वास्तव में इस जानकारी और स्पष्टीकरण को विस्तार से बताए जाने की ज़रूरत थी ताकि आप जान सकें कि हम संख्याओं का निर्धारण कैसे करते हैं।

जहां अमेरिकियों को निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, हम 31 तारीख़ से पहले ख़तरे में पड़े अधिकाधिक अफ़ग़ानों को बाहर निकालने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। यह हमारे स्थानीय स्तर पर नियुक्त कर्मचारियों के साथ शुरू होता है, जो लोग हमारे दूतावास में हमारी राजनयिक टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते रहे हैं। और इसमें विशेष आप्रवासी वीज़ा कार्यक्रम के प्रतिभागी और जोखिम का सामना कर रहे अन्य अफ़ग़ान भी शामिल हैं। इस प्रयास की जटिलता और ख़तरे को समझा जा सकता है। हम एक ऐसे शहर और देश में एक प्रतिकूल माहौल में काम कर रहे हैं, जो अब तालिबान द्वारा नियंत्रित है, और जहां आइसिस-के के हमले की बहुत वास्तविक संभावना है। हम पूरी सावधानी बरत रहे हैं, लेकिन यह बहुत अधिक जोखिम वाला अभियान है।

जैसा कि राष्ट्रपति ने कल कहा था, हम 31 अगस्त तक अपने मिशन को पूरा करने की राह पर हैं बशर्ते तालिबान सहयोग करना जारी रखे और इस प्रयास में कोई रुकावट न आए। राष्ट्रपति ने आपात योजनाओं के लिए भी कहा है यदि वह ये तय करते हैं कि हमें उस तारीख़ के बाद भी उस देश में रुकना चाहिए। लेकिन मैं एक बात बिल्कुल स्पष्ट करना चाहूंगा: वहां रह गए और निकलने के इच्छुक किसी भी अमेरिकी नागरिकों की मदद के लिए हमारे प्रयासों की कोई समय सीमा नहीं है, साथ ही निकलने के इच्छुक लेकिन ऐसा करने में असमर्थ उन अनेक अफ़ग़ानों के लिए भी जो इन बीते वर्षों में हमारे साथ खड़े रहे हैं। उनके लिए हमारा प्रयास 31 अगस्त के बाद भी हर दिन जारी रहेगा।

तालिबान ने अमेरिकियों के लिए, अन्य देशों के नागरिकों और जोखिम में पड़े अफ़ग़ानों के लिए 31 अगस्त से आगे सुरक्षित मार्ग प्रदान करने और अनुमति देने के लिए सार्वजनिक और निजी तौर पर प्रतिबद्धता व्यक्त की है। अमेरिका, हमारे सहयोगी और साझेदार देशों, और दुनिया के आधे से अधिक देशों – कुल मिलाकर 114 – ने एक बयान जारी कर तालिबान को यह स्पष्ट कर दिया है कि उस प्रतिबद्धता को बनाए रखना और देश छोड़ने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करना उनकी ज़िम्मेदारी है – न केवल हमारे निकासी और पुनर्वास मिशन की अवधि के लिए, बल्कि उसके बाद भी हर दिन।

और हम इस बारे में विस्तृत योजनाएं तैयार कर रहे हैं कि कैसे हम कॉन्सुलर सहायता उपलब्ध कराना और 31 अगस्त के बाद निकलने के इच्छुक लोगों के लिए प्रस्थान की सुविधा प्रदान करना जारी रख सकते हैं। हमारी अपेक्षा – अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अपेक्षा – यह है कि जो लोग अमेरिकी सेना के जाने के बाद अफ़ग़ानिस्तान छोड़ना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने दिया जाना चाहिए। ये अपेक्षा पूरी हो ये सुनिश्चित करने के लिए हम सब मिलकर जो भी ज़रूरी हुआ वो सब कुछ करेंगे।

मैं कूटनीतिक मोर्चे पर जारी कार्यों के उल्लेख के साथ अपनी बात समाप्त करना चाहूंगा। जिन्हें हम निकाल रहे हैं उनको स्थानांतरित करने, अस्थाई रूप से रखने या फिर उनके पुनर्वास के प्रयासों में कुल मिलाकर, चार महाद्वीपों के दो दर्जन से अधिक देश योगदान दे रहे हैं। ऐसा यूं ही नहीं हुआ। यह पारगमन समझौते करने और पुनर्वास की प्रतिबद्धताएं हासिल करने, उनका विस्तार करने और उनके कार्यान्वयन के लिए किए गए गहन कूटनीतिक प्रयासों का नतीजा है। हम उदार सहायता के लिए उन देशों के बहुत आभारी हैं।

यह इतिहास की सबसे बड़ी हवाई निकासियों में से एक है, जोकि एक विशाल सैन्य, कूटनीतिक, सुरक्षा संबंधी और मानवीय उपक्रम है। यह अमेरिकी नेतृत्व तथा हमारे गठबंधनों और साझेदारियों की ताक़त, दोनों का ही सबूत है। हम आगे भी इस ताक़त पर भरोसा करेंगे और इसे मज़बूत करेंगे, जबकि इस समय हम अफ़ग़ानिस्तान के लिए एकीकृत कूटनीतिक दृष्टिकोण तय करने के लिए अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ काम कर रहे हैं। अफ़ग़ानिस्तान पर कल जी7 नेताओं की बैठक में राष्ट्रपति ने इस बात को रेखांकित किया था और मैंने एवं विदेश विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल के दिनों में सहयोगी देशों और साझेदारों के साथ हमारे निरंतर संवाद में इस बात पर यह सुनिश्चित करने के लिए ज़ोर दिया कि भविष्य के लिए हम साथ और एकजुट हैं – न केवल तात्कालिक मिशन के लिए, बल्कि 31 अगस्त के बाद भी आतंकवादरोधी प्रयासों, मानवीय सहायता और भावी अफ़ग़ान सरकार से हमारी अपेक्षाओं के मुद्दों पर भी। अभी इस वक़्त भी यह गहन कूटनीतिक कार्य जारी है और यह आने वाले दिनों और सप्ताहों में भी जारी रहेगा।

इस दोपहर मैंने संख्याओं पर बहुत सारी बातें की, लेकिन अपने मिशन पर पूरा ध्यान केंद्रित करते हुए, हम जानते हैं कि यह वास्तविक लोगों की बात है, जिनमें से कई डरे हुए हैं, कई हताश हैं। मैंने तस्वीरों को देखा है, मैंने ख़बरें पढ़ी हैं, मैंने आवाज़ें सुनी हैं, जो आपने और आपके सहयोगियों ने इतनी बहादुरी से रिपोर्ट की हैं। आप में से कई लोगों की तरह, मैंने उस अफ़ग़ान अनुवादक की ख़बर पढ़ी, जिसकी दो साल की बेटी की शनिवार को हवाई अड्डे के बाहर इंतज़ार करते वक़्त कुचलने से मौत हो गई। मेरे अपने दो छोटे बच्चे हैं। ये ख़बर और अन्य ख़बरें हृदयविदारक हैं।

विदेश विभाग में और पूरे अमेरिकी सरकार में हम सभी ऐसा ही महसूस करते हैं। हम जानते हैं कि बच्चों समेत हमारे साथी नागरिकों का जीवन और भविष्य ऐसे नाज़ुक वक़्त में अधर में लटका होता है। और इसीलिए हमारी टीम में हर कोई इस प्रयास में अपनी पूरी ताक़त झोंक रहा है। बहुत-बहुत धन्यवाद, और अब मुझे आपके सवालों का जवाब देकर खुशी होगी।


मूल स्रोत: https://www.state.gov/secretary-antony-j-blinken-on-afghanistan/

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।

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The Lessons of 1989: Freedom and Our Future