अमेरिकी विदेश विभाग
प्रवक्ता का कार्यालय
विदेश मंत्री एंटनी जे. ब्लिंकन का बयान
अक्टूबर 14, 2021

इस प्रशासन के आरंभिक दिनों से ही, राष्ट्रपति बाइडेन ने स्पष्ट कर दिया है कि हमारी विदेश नीति अमेरिका के सबसे अहम लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित होगी: स्वतंत्रता की रक्षा करना, अवसरों के लिए प्रयास करना, मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रताओं को क़ायम रखना, क़ानून के शासन का सम्मान करना और सभी के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार करना। उन्होंने अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोबारा सक्रिय करने तथा साझा चुनौतियों के खिलाफ़ वैश्विक प्रयासों को दिशा देने हेतु अमेरिकी नेतृत्व को नवीनीकृत करने का भी वादा किया। हमने अपने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों में, तथा संयुक्तराष्ट्र में उन मूल्यों का निरंतर अनुसरण करने और बढ़ावा देने की ज़िम्मेदारी अपना ली है।

आज, मैं घोषणा करना चाहूंगा कि अमेरिका को 2022 में शुरू होने वाले अगले कार्यकाल के लिए संयुक्तराष्ट्र मानवाधिकार परिषद में चुन लिया गया है।

हम यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे कि परिषद अपनी सर्वोच्च आकांक्षाओं को बनाए रखे तथा दुनिया भर में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ़ लड़ने वालों का बेहतर समर्थन करे। मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के मार्ग पर हमें तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका हमसे जुड़ने वाले किसी भी और सभी देशों के साथ मिलकर हमेशा इस दृढ़ प्रयास को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

दोषियों को जवाबदेह ठहराने के लिए अत्याचारों का दस्तावेज़ीकरण करते हुए परिषद मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा करने में एक सार्थक भूमिका निभाती है। यह आपात स्थितियों पर और मानवाधिकार संकटों को उजागर करने पर अपना ध्यान केंद्रित करती है, ताकि बेज़ुबानों को भी अपनी बात रखने का अवसर मिल सके। परिषद एक मंच प्रदान करती है जहां हमारे और हमारे सहयोगियों के बेहतर बनने के तरीकों पर खुलकर चर्चा की जा सकती है। लेकिन इसके साथ ही, यह गंभीर खामियों से भी ग्रस्त है, जिसमें इज़रायल पर ज़रूरत से ज़्यादा ध्यान देने और बुरे मानवाधिकार रिकॉर्ड वाले कई राष्ट्रों को सदस्यता देने के विषय शामिल हैं। साथ मिलकर, हमें उन आदर्शों को ख़त्म करने के प्रयासों के खिलाफ़ क़दम उठाने चाहिए, जिनकी बुनियाद पर मानवाधिकार परिषद की स्थापना की गई थी, जिनमें यह सिद्धांत भी शामिल है कि प्रत्येक व्यक्ति के पास मानवाधिकार हैं और उन अधिकारों की रक्षा करना राष्ट्रों का दायित्व है।

मैं अमेरिका को मानवाधिकार परिषद में फिर से सेवा करने का अवसर देने के लिए संयुक्तराष्ट्र के सदस्य देशों को धन्यवाद देना चाहता हूं। हम मानवाधिकारों और परिषद के कार्यों का विश्व स्तर पर संरक्षण और बचाव करने तथा उनको बढ़ावा देने के वास्ते अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।


मूल स्रोत: https://www.state.gov/election-of-the-united-states-to-the-un-human-rights-council-hrc/

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।

U.S. Department of State

The Lessons of 1989: Freedom and Our Future